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Thursday 19 May 2022

Crankcase Ventilation | Types | Open And Closed Crankcase Ventilation

 



Crankcase Ventilation | Types | Open And Closed Crankcase Ventilation

इस आर्टिकल में हम internal combustion अर्थात I.C engine के crankcase के ventilation के बारे में चर्चा करेंगे। आज हम यह जानेंगे कि - 

Crankcase ventilation क्या होता है ?

यह कितने प्रकार का होता है ?

इसके फायदे तथा नुकसान क्या होते है?

यह किस प्रकार कार्य करता है ? आदि आदि।


जैसा कि इसके नाम से ही यह विदित है कि Crankcase ventilation की प्रक्रिया में , क्रैंककेस के अंदर  वातावरण से फ्रेश एयर का प्रवेश कराया जाता होगा अथवा इसके अंदर से अवांछित तत्वों को बाहर निकाला जाता होगा। जी हाँ, आपने बिल्कुल सही समझा ।


क्रैंककेस वेंटिलेशन internal combustion engine की एक वेंटिलेशन प्रक्रिया है जिसके द्वारा क्रैंककेस से विभिन्न प्रकार के दुषित पदार्थो ( Various Contaminants) जैसे कि Water, blowby gases तथा Engine oil से उत्पन्न gases, Fumes इत्यादि को बाहर निकाला जाता है।


Definition


(A crankcase ventilation system removes various contaminants such as Blow-by gasses, water, fumes and other unwanted gasses from the crankcase of an internal combustion engine.)


अब सवाल यह है कि आखिर ये unwanted gases या contaminants क्रैंककेस के अंदर उत्पन्न कैसे होते है ? Internal combustion engine के अंदर इन अवांछित गैसों के उत्पन्न होने के दो प्रमुख कारण है। पहला है Blowby और दूसरा है Engine oil से उत्पन्न गैसें।

आप सब यह भली भांति जानते है कि इंटरनल कम्बसन इंजन में combustion अर्थात दहन की प्रक्रिया पिस्टन के ऊपर (Piston Top) सम्पन्न होती हैं। Combustion के दौरान पिस्टन के ऊपर जले हुए गैसों का उच्च दबाव (High pressure) उत्पन्न होता है। जिसकी वजह से इन गैसों की कुछ मात्रा पिस्टन रिंग के गैप से लीक होकर क्रैंक केस की तरफ चली जाती है। इन्हीं लीक हुए गैसों को Blowby गैस के नाम से जाना जाता है। Blowby में गैस लीकेज की घटना इंजन के प्रत्येक साईकल में Combustion stroke के शुरुआत से लेकर Exhaust स्ट्रोक के अंत तक जारी रहती है।


हाँ, यह सच है कि Blowby गैसों की मात्रा अगर प्रति साईकल के हिसाब से देखी जाए बहुत कम होती है। चूंकि, एक सामान्य इंटरनल कम्बसन इंजन का low Ideal RPM भी 1000 से लेकर 1200 तक होता है और high ideal RPM 2200 से 3000 या इससे भी अधिक होता है। ऐसी स्थिति में Blowby गैसों की यह छोटी मात्रा भी अधिक हो जाती है। अतः इनका क्रैंककेस से निष्कासन एक आवश्यक कार्य हो जाता है और हमें crankcase ventilation पद्धति को अपनाना आवश्यक हो जाता है।


अगर दूसरे कारण की बात की जाए तो इंजन आयल से उत्पन्न गैस भी क्रैंककेस वेंटिलेशन की आवश्यकता को अनिवार्य बनाते है। इंजन के चलने पर जब इंजन गर्म होता है तब उसमें मौजूद इंजन आयल गर्म होता है और, यह सर्व विदित है कि किसी भी तरल पदार्थ (Liquid) को गर्म करने पर वह गैस की अवस्था में परिवर्तित हो जाता है। इसप्रकार इंजन आयल भी गर्म होकर गैस के रूप में परिवर्तित हो जाता है। इसे हम engine oil fumes के नाम से भी जानते है। यह गैस जहरीली होती है। जिसका क्रैंककेस से निष्कासन आवश्य हो जाता है।


क्या हो अगर Crankcase ventilation न हो ?


इंटरनल कम्बसन इंजन में अगर क्रैंककेस वेंटिलेशन नही दिया जाए तो एक सफल और व्यवहारिक इंजन की कल्पना नही की जा सकती है। इंजन के अंदर प्रोड्यूस होने वाले इन हानिकारक और अवांछित गैसों को अगर इंजन से बाहर नही निकाला जाए तो क्रैंककेस के अंदर इन गैसों का उच्च दबाव क्षेत्र बन जायेगा। जिसकी वजह से क्रैंककेस की अंदरूनी दीवारों और क्रैन्कशाफ्ट के साथ लगे सील, वल्व में लगे स्टेम आयल सील और पैकिंग पर गैसों के अतिरिक्त दबाव के कारण आयल लीकेज की समस्या उत्पन्न हो जायेगी। जिसकी वजह से इंजन में High Oil consumption की शिकायत होनी शुरू हो जायेगी।


इसलिए इंजन आपरेशन के साथ उत्सर्जित होने वाले इन गैसों को बाहर निकलने के लिए दो प्रकार के वेंटिलेशन सिस्टम का प्रयोग किया जाता है। 


Types of Crankcase Ventilation System 


  1. Open Crankcase Ventilation

  2. Closed Crankcase Ventilation


  1. Open Crankcase Ventilation - इंजन निर्माण के शुरुआती दौड़ में Engine में open ventilation system का प्रयोग किया जाता था। इस सिस्टम के अंतर्गत क्रैंककेस से एक साधारण सा पाइप जोड़ कर गैस को सीधे तौर पर वातावरण में निष्कासित कर दिया जाता है। क्रैंककेस से जुड़ा यह पाइप या तो प्लास्टिक अथवा रबड़ का बना होता था या फिर मेटल का। किसी-किसी इंजन के टैपेट कवर से भी ओपेन क्रैंककेस वेंटिलेशन सिस्टम आपको देखने को मिल जाएगा।

Open crankcase ventilation इतनी प्रभावी साबित हुई कि सन 1963 और इसके बाद के अधिकांश कारों में इसका प्रयोग होने लगा। 


अब आपको यह जानने की जरूरत है कि यह कार्य कैसे करता है ? इंटरनल कम्बसन इंजन में पिस्टन की गति up and down की होती है। जब पिस्टन का movement टॉप से बॉटम की तरफ होती है यानी पिस्टन downward move करता है तब यह क्रैंक केस में एकत्रित गैस को ओपन पाइप के ज़रिए बाहर निकल देता है। इसके बाद जब piston upward move करता है तो एक छोटी मात्रा में क्रैंककेस के अंदर वैक्यूम (निर्वात) बनाता है जिसके वजह से उसी ओपन पाइप के ज़रिए वातावरण से साफ हवा क्रैंककेस के अंदर खिंच जाती है। और क्रैंककेस का वेंटिलेशन प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है। यह प्रक्रिया जीवों के सांस लेने और छोड़ने जैसी होती है।


समय के साथ जैसे जैसे Technology का विकास हुआ और प्रदूषण नियंत्रण के नियम सख्त होते चले गए, इस वेंटिलेशन सिस्टम का प्रयोग भी कम होता चला गया। इसके अव्यवहारिक होने के भी दो करण थे। पहला कारण तो यह था कि जब इंजन Low RPM पर चल रहा होता था तो पर्याप्त वेंटिलेशन नही हो पाता था और दूसरा कारण था प्रदूषण नियंत्रण के नियम। क्योंकि, क्रैंककेस से निकलने वाली गैसे वातावण के लिए हानिकारक और प्रदूषण बढ़ाने वाली होती है। इस वजह से ओपन क्रैंककेस वेंटिलेशन का प्रचलन बंद हो गया। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इंजन से निकलने वाले कुल प्रदूषण कारक तत्वों में अकेले 20% हिस्सा सिर्फ क्रैंककेस से निकलने वाले गैसों का होता है।




  1. Closed Crankcase Ventilation - Open type Crankcase ventilation का प्रयोग सन 1968 से देखने को मिलता है। इस प्रकार के वेंटिलेशन में क्रैंककेस के गैसों को सीधे तौर पर वातावरण में निष्काषित किया जाता है। बल्कि क्रैंककेस को एक वाल्व लोडेड पाइप के जरिए Air cleaner से जोर दिया जाता है जिस से की blow-by गैसों को फिर से combustion के लिए combustion chamber में भेजा जा सके।


Closed Crankcase Ventilation System

Internal combustion engine में इस कार्य को पूरा करने के लिए इंजन के बाहर एक बॉक्स लगाया जाता है जिसे Oil mist separator कहा जाता है। यह इंजन के साथ माउंटेड होता है। यह एक साथ अलग अलग तीन पाइप्स के जरिये एयर क्लीनर, क्रैंककेस और ब्रिदर आउटलेट के साथ जुड़ा होता है। क्रैंककेस से आने वाली गैस यही से सेपरेट होकर, एयर क्लीनर से होते हुए combustion के लिए कम्बसन चैम्बर में चली जाती हैं।



Benefits of Closed Crankcase Ventilation System 

क्लोज्ड क्रैंककेस वेंटिलेशन सिस्टम के फायदे



  • Closed ventilation system, क्रैंककेस से उत्सर्जित होने वाली प्रदूषण कारक गैसों को नियंत्रित करने में पूर्णतः सक्षम होती हैं।

  • यह सिस्टम इंजन आयल के लाइफ को बढ़ाती है जिससे इंजन का लाइफ भी बढ़ जाता है।

  • यह सिस्टम कॉस्ट इफेक्टिव और सरल संरचना वाली होती है अतः इनका इंजन के साथ प्रयोग भी आसान होता है।

  • यह इंजन में sludge को एकत्रित होने से रोकती हैं।

  • इनके प्रयोग से इंजन की कार्य क्षमता को भी बढ़ावा मिलता है।

  • यह combustion के लिए air cleaner से आने वाली फ्रेश एयर के लिए pre-heating का काम करती है। जिससे इंजन में फ्यूल का प्रॉपर कम्बसन संभव हो पाता है और, इंजन अच्छा पावर जेनेरेट करती है।

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